जा रे हट सरपट तू बड़ा नटखट
खेलूँ ना तुम संग होली
तुम छलिया मैं भोली किशोरी
जमे ना अपनी जोड़ी
अरे फगुआ के संग झूम ले तू भी
बरसाने की छोरी
काले के संग हो जा काली
छोड़ दे चमड़ी गोरी
ओ नंदलाला सुन रे गोपाला
कर ना ना बरजोरी
कह देती हूँ पहले ही तुझसे
बोलूँगी लठ की बोली
छैल छबीली बड़ी नखरीली
ओ वृषभानु की छोरी
क्यू रूठी तू अपने किशन से
आ खेल ले प्रेम की होली
तू झूठा तोरा प्रेम भी झूठा
मैं ना तोरी सजनीया
राह तके तोरी सब सखीयाँ
जा खेल ले भर पिचकरीया
अरे ओ भोरी कच्चा तोरा मन
सच्ची मोरी प्रेम की बतिया
बिन राधे ये कान्हा जैसे
बिन रंगों की होलीया
अब मान भी जा मेरी राधा प्यारी
रंग जा मोरे प्रेम के रंग म
चल मान गयी मेरे कृष्ण मुरारी
रंग दे मोहे प्रेम के रंग म
लो राधा श्याम के रंग रंगी
रंगे राधा रंग कन्हैया
ब्रज में होली की धूम मची
गूँजे चहूँ ओर बधईया
जय जय राधा कृष्ण की जोड़ी
जय हो बरसाने की होली
जय जय राधा कृष्ण की जोड़ी
जय हो वृंदावन की होली
जय जय राधा कृष्ण की जोड़ी........
#आँचल
Happy holi






