कुछ बातें बोली नही जाती तो वो अनकही हो जाती हैं उन अनकही बातों को इन पन्नों पर उतारा है।

Friday, 19 January 2018

"बवाल" पे बवाल

"बवाल"पे बवाल

ये भारत है जनाब
यहाँ हर बात पर उठते कई सवाल
और हर सवाल पर होते बहुत बवाल
कुछ छोटे बवाल कुछ बड़े बवाल
कुछ हलके बवाल कुछ गहरे बवाल
हर रोज़ ही होते कई बवाल

जब सड़क पे दो गाड़ी भिड़ी
तब औकात पे उठे सवाल
और ट्रैफिक जाम का हुआ बवाल

एक जोड़ा आपस में झगड़ गया
और घरवालों तक पे उठे सवाल
लो तलाक का हुआ बवाल

दो दिल आपस में धड़क गए
और जाती-धर्म पे उठे सवाल
लो सुर्खिया बटोरता हुआ  बवाल

क्या तेरा क्या मेरा है
जब जायदाद पर उठे सवाल
तब कचहरी में माँ बाप को कोसता हुआ बवाल

जब धर्म - मज़हब टकरा गए
तब ईश्वर - अल्लाह पर उठे सवाल
और लोकतंत्र में हुआ बवाल

बाल श्रम,बलात्कार सब मुद्दे बने मजाक
और सम्मान पर उठे सवाल
तब पद्मावत पर हुआ बवाल

ये भारत है जनाब
यहाँ हर बात पर उठते कई सवाल
और हर सवाल पर होते बहुत बवाल

पर ठहरो,ज़रा सोचो
क्या वाक़ई हर सवाल पर होते हैं बवाल??

जब भगवान चले वृद्धाश्रम
तब संस्कारों पे उठे सवाल
पर क्यू ना हुआ बवाल?

जब विवाह में हुई सौदेबाज़ी
तब रसमो पे उठे सवाल
पर क्यू ना हुआ बवाल?

जब नन्हे कंधों ने ढोए बोझ हज़ार
तब मानवता पे उठे सवाल
पर क्यू ना हुआ बवाल?

जब बिटिया बनी दरिंदों की शिकार
तब उसके चरित्र पर उठे सवाल
पर क्यू ना हुआ बवाल?

जब भगवान से बड़ा हुआ इंसान
तब अंधे विश्वास पर उठे सवाल
पर क्यू ना हुआ बवाल?

जब गरीब की रोटी खाते भ्रष्ट तमाम
तब प्रशासन पर उठे सवाल
पर क्यू ना हुआ बवाल?

जब समाज का घटिया रूप दिखा
तब जन मन में उठे सवाल
पर क्यू ना हुआ बवाल?

ये भारत है जनाब
यहाँ हर बात पर उठते कई सवाल
पर बस बकवास पर होते हैं बवाल
क्युंकि डर जाते हैं कई बवाल
समाज के सवालों के आगे
क्युंकि झुक जाते हैं कई बवाल
समाज की घटिया सोच के आगे

ये भारत है जनाब
यहाँ भले ना हो हर सवाल पे बवाल
पर होता रहेगा बवाल पे बवाल
लो कर डाला हमने भी "बवाल"पे बवाल

                                         #आँचल 

14 comments:

  1. वाह...
    बेहतरीन....
    गूगल फॉलोव्हर का गैजेट लगाइए
    शुभ कामनाएँ...
    चलते रहें..
    शुभ प्रभात...
    सादर

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    Replies
    1. जी बहुत बहुत आभार Ma'am
      आपकी प्रशंसा और आशीष ने हमारा मनोबल बढ़ा दिया

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    2. जी हमे blog के बारे में ज्य्दा कुछ पता नही इसलिए इसकी setting में थोड़ी दीक्कत आ रही है पर हम प्रयास करेंगे
      धन्यवाद सुप्रभात 🙏

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  2. बहुत ही सुन्दर रचना।

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    Replies
    1. जी बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

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  3. जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना सोमवार २२जनवरी २०१८ के विशेषांक के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं...धन्यवाद।

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    1. नमस्ते दीदी जी 🙏🙏
      बहुत बहुत आभार आपका 🙏

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  4. बवालों का बवाल बहुत खूब है |

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  5. वाह वाह वाह लेखिका मोहतरमा ....
    नमन है आपकी लेखकी को 🙏
    सामाजिक उथल पुथल का जिस प्रकार aapn विश्लेषण किया है वह sarahni है... 🙏🙏

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद भइया जी 🙇

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  6. आपकी लेखकी में ये कविता एक मिल का पत्थर है.. अगर ऐसा कहें कि इस कविता के साथ ही कविता जगत में एक जगमगाते सितारे का उदय हुआ है तो ऐसा कहना ग़लत नहीं होगा...🙏

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