Saturday, 9 September 2023
देहवास का मिला है श्राप
Monday, 4 September 2023
मैं सजनी बनी श्याम पिया की
मैं सजनी बनी श्याम पिया की
अद्भुत कर शृंगार चली
मैं सजनी बनी श्याम पिया की।
प्रीत-डगर पे चलते-चलते
झाँझर रीत की तोड़ चली
छूट गई माया कंचन की
वैराग्य की चूनर ओढ़ चली
पंच-रत्न की सजा के वेदी
सप्त-भुवन को लाँघ चली
मैं सजनी बनी श्याम पिया की
अद्भुत कर शृंगार चली।
#आँचल
Wednesday, 9 August 2023
कभी तो वो सावन भी आएगा
कभी तो वो सावन भी आएगा
संदेसा हरि का जो संग लाएगा,
कभी तो ये बदरा से झरते मोती
दिखायेंगे उसकी श्यामल ज्योति,
कभी तो ये व्याकुल चित् भी मोरा
नाचेगा जैसे नाचे ये मयूरा,
कभी तो मिलन की वो रुत आएगी
जब विरह में तपती धरा भीगेगी
और भावों से नीरस हृदय भी मोरा
प्रेम की बरखा में भीगेगा पूरा
आयेंगे तब वो प्रेम-बिहारी
चरण-रज में जिनके रमा मन सखी री,
चरण-रज में जिनके रमा मन सखी री।
#आँचल
Sunday, 23 July 2023
मेरा संकल्प
Friday, 23 June 2023
है कोई जग में परब्रह्म से ऊँचा?
Tuesday, 13 June 2023
यामिनी
यामिनी तो रोज़ चाँद-तारों
की बारात लिए आती है,
पर यह दुनिया ही उसे
देख कर मुँह बनाती है
और नींद का बहाना कर
आँखें मूँद लेती है।
उसके उर में छुपी ममता,
प्रेम और शीतलता को
केवल वही समझ पाता है
जो रात भर उसके
साथ जागता है,
उसे आँख भर निहारता है
और वही इस रहस्य को
भी जानता है कि
'यामिनी' वह विरहिणी है
जो सत्य की पहली किरण को
अपना सर्वस्व समर्पित करने हेतु
रात भर अंधकार से जूझती है।
#आँचल

