एक चिड़िया थी
जो समुद्र की गहराई
में डूबना चाहती थी,
एक मछली थी
जो आकाश की ऊँचाई से
इस संसार को देखना चाहती थी
चाहतें इनकी ग़लत न थीं
पर फिर भी
लीक से हटकर तो थीं
बस इसीलिए
इनका जीवन एकाकी रहा
अपनों की फ़ेहरिस्त में शेष
'संघर्ष' ही एक साथी रहा।
#आँचल
कम शब्दों में गहन भावों की संदेशात्मक अभिव्यक्ति।
ReplyDeleteसस्नेह।
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जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना शुक्रवार ४ अप्रैल २०२५ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।
बहुत सुंदर कम शब्दों में बहुत कुछ बयाँ करती रचना
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