बस यही प्रयास कि लिखती रहूँ मनोरंजन नहीं आत्म रंजन के लिए

Wednesday, 2 April 2025

एक चिड़िया थी

एक चिड़िया थी 
जो समुद्र की गहराई 
में डूबना चाहती थी,
एक मछली थी 
जो आकाश की ऊँचाई से 
इस संसार को देखना चाहती थी 
चाहतें इनकी ग़लत न थीं  
पर फिर भी 
लीक से हटकर तो थीं  
बस इसीलिए 
इनका जीवन एकाकी रहा 
अपनों की फ़ेहरिस्त में शेष 
'संघर्ष' ही एक साथी रहा।

#आँचल 

2 comments:

  1. कम शब्दों में गहन भावों की संदेशात्मक अभिव्यक्ति।
    सस्नेह।
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    जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना शुक्रवार ४ अप्रैल २०२५ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    सादर
    धन्यवाद।

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  2. बहुत सुंदर कम शब्दों में बहुत कुछ बयाँ करती रचना

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