आत्म रंजन

बस यही प्रयास कि लिखती रहूँ मनोरंजन नहीं आत्म रंजन के लिए

आत्म रंजन

बस यही प्रयास कि लिखती रहूँ मनोरंजन नहीं आत्म रंजन के लिए

Wednesday, 15 July 2026

प्रिय रजनी

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  प्रिय रजनी, तुम्हें याद है कि कैसे  कभी घोर विषाद में जब  ढूँढती कोइ प्रकाश  या देख लेती एक बार आकाश  या बस यूँ ही करनी होती  तुमसे दिल की...
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सोनम मरना चाहता है

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  सोनम मरना चाहता है, क्रांति की चाह रखने वाले  वे सभी मरना चाहते हैं  जो बात-बात पर  धरने पर बैठ जाते हैं सत्ता को आँखें दिखाते हैं करते हे...
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Monday, 8 December 2025

यामिनी की गोद में

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 रवि के अहम-ताप से  झुलसे मनु के मन का  मृगांक की श्वेत-प्रभा संग  अठखेलियाँ करना  ही तो उपचार है  फिर यामिनी के कृष्ण रंग को  क्यों कोसता य...
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Wednesday, 29 October 2025

सुनो दुष्यंत

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  सुनो दुष्यंत! मैंने तो बड़ी ख़ामोशी से  तुम्हारी ग़ज़लों में धधकती क्रांति की आग को बस  एक बार चखना चाहा था  पर तुमने तो इन्हें  श...
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Tuesday, 14 October 2025

यशोधरा हूँ मैं

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   कहो सखी  तुम क्यों न गई  देहरी के उस पार? बुद्ध गए हैं जहाँ  त्याग के यह संसार  मुक्ति की चाह में! नहीं सखी! अभी समय है मेरे जाने में। अभ...
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Wednesday, 24 September 2025

आज की स्त्री

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आज की स्त्री  ऑफ़िस जाती है, प्लेन उड़ाती है, दौड़ लगाती है, सीमा पर लड़ती है, आती है घर  भोजन पकाती है, बर्तन माँजती है, पालना झुलाती है, सँवा...
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Sunday, 27 July 2025

झूठ की ख़रीद

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  दिखाई और सुनाई देने वाला सत्य  सदा एक आश्चर्य-सा लगता है क्योंकि झूठ  अब बहुत आम हो चुका है  फिर भी हम ख़रीदने तो  झूठ ही जाते ...
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