आत्म रंजन
बस यही प्रयास कि लिखती रहूँ मनोरंजन नहीं आत्म रंजन के लिए
आत्म रंजन
बस यही प्रयास कि लिखती रहूँ मनोरंजन नहीं आत्म रंजन के लिए
Thursday, 4 May 2023
त्राहिमाम! त्राहिमाम!
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"त्राहिमाम! त्राहिमाम!" हे राजन! जनता रही पुकार, जंतर-मंतर से न्याय माँगती बेटियों की है यह गुहार, दरबारी एक तुम्हारा उन पर करता...
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Sunday, 9 April 2023
बदले पृष्ठ इतिहास के
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बदले पृष्ठ इतिहास के हुआ काल पर घात राजा निर्भय कर रहा मनमानी-सी बात जनता को पुचकार के किया जो अपने साथ दुम हिलाए घूम रही भूल के हित ...
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Monday, 13 February 2023
सिर्फ़ इंसान नहीं बन सकते हैं
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हम स्त्री-पुरुष हो सकते हैं, रूप-कुरूप हो सकते हैं, छोटे-बड़े हो सकते हैं, जातियों में बँट सकते हैं, मज़हबों में रंग सकते हैं, संपत्ति के नाम...
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Tuesday, 7 February 2023
पुस्तक समीक्षा - बॉयफ्रेंड ऑफ ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी
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समकालीन परिदृश्यों में जन्म लेता साहित्य जब वेदना से संवेदना तक की यात्रा तय कर कल्पना के कोर में हिलोर भरते हुए यथार्थ के धरातल पर अपने पाँ...
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Saturday, 4 February 2023
आस्था
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'आस्था' भय की पुत्री और चमत्कार की दासी है किंतु जब कबीर जैसे व्यक्ति उसे दासत्व से मुक्त करते हैं तब सत्य से उसकी सगाई होती है और ज...
Thursday, 2 February 2023
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इस देश अथवा समाज को जगाने वालों की स्थिति उन श्वानों की भाँति है जो रातभर भौंकते हुए अपना कर्तव्य और अपनी वफ़ादारी निभाते हैं किंतु फल स्वरूप...
Tuesday, 31 January 2023
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'छोटी जाति' और 'बड़ी जाति' ये दो शब्द हमे हमारी मूर्खता का प्रमाण देते हैं।सृजनकर्ता ने जब हमारे सृजन में कोई भेद नहीं किया त...
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