आत्म रंजन

बस यही प्रयास कि लिखती रहूँ मनोरंजन नहीं आत्म रंजन के लिए

आत्म रंजन

बस यही प्रयास कि लिखती रहूँ मनोरंजन नहीं आत्म रंजन के लिए

Monday, 28 June 2021

चंदा कैसे हैं सबके मामा?

›
 अम्मा मुझको एक बात बताओ  ये चंदा जो मेरे मामा हैं  ये तेरे भी तो मामा हैं? और तुझसे भी पहले से ये  नानी के भी मामा हैं! तेरे-मेरे-नानी के म...
2 comments:
Wednesday, 16 June 2021

मैं करती रहूँगी प्रयास

›
  जब भी जन-जागरण हेतु  लेखनी उठाती हूँ  और पुनः प्रयास को सज होती हूँ  एक परोक्ष-सी लड़की की अट्टहास   मेरे कानों में गूँजती है और तभी अँधेरा...
9 comments:
Monday, 14 June 2021

ढाँप-ढाँप ढोंगी पर

›
  ढाँप-ढाँप ढोंगी पर, ढोंगी है ढोल, ढोलकी की थाप पर नाच रहे चोर, चोरों की ताल पर नाचे जो राजा.... तक धिना धिन,तक धिना धिन  बाजे रे बाजा। ढाँ...
8 comments:
Sunday, 6 June 2021

तत्क्षण पांडव तजो द्यूत।

›
 (प्रस्तुत पंक्तियाँ वर्तमान परिस्थितियों पर मेरी प्रतिक्रिया है। शोषित पांडव अर्थात् साधारण जनता के प्रति मेरा संदेश।) तत्क्षण पांडव तजो द्...
11 comments:
Friday, 28 May 2021

मुद्दासृजन की रणनीति

›
  भारत एक प्रगतिशील देश है। आप अर्थव्यवस्था और विकास जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाकर इसकी प्रगति पर प्रश्नचिह्न कैसे लगा सकते हैं? माना ताला...
4 comments:
Monday, 24 May 2021

श्याम मोरी विरह नीर भरे।

›
  यूट्यूब लिन्क 👇 https://youtu.be/6YIYzWXLfao भोर-कलश से छलके तरणी, ओढ़ी चूनर,थामे आस की गगरी, पग पनघट की ओर बढ़े, श्याम मोरी विरह नीर भरे। ...
8 comments:
Friday, 21 May 2021

कविता कौन है?

›
 कल मेरी एक बहुत प्यारी दोस्त ने व्हाट्‌सएप पर मेरा हालचाल लेते हुए मुझसे पूछा - " क्या कर रही हो? " मैंने कहा - " कविता सुन ...
11 comments:
‹
›
Home
View web version

About Me

My photo
Anchal Pandey
View my complete profile
Powered by Blogger.