सोनम मरना चाहता है,
क्रांति की चाह रखने वाले
वे सभी मरना चाहते हैं
जो बात-बात पर
धरने पर बैठ जाते हैं
सत्ता को आँखें दिखाते हैं
करते हें कोशिश
देश को जगाने की,
और जीने की चाह रखने वाले
आटे-दाल के बढ़ते भाव के बीच
आँखें मूँद,ध्यानस्थ!
शांति को ढूँढा करते हैं।
#आँचल
भक्तों की आंखों में उनके भगवान हैं बाकी सब आम हैं |
ReplyDeleteआपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर शनिवार 18 जुलाई 2026 को लिंक की गयी है....
ReplyDeletehttp://halchalwith5links.blogspot.in पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!
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क्रांति की मशाल कभी बुझती नहीं, सुंदर सृजन
ReplyDeleteधर्मेन्द्र प्रधान दोनों के लिए कितना जरूरी है एक उसके लिए जान देने तक को तैयार है, दूसरे उस के खातिर देश की जनता को भी अनदेखा कर रहे हैं ...
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