आत्म रंजन
बस यही प्रयास कि लिखती रहूँ मनोरंजन नहीं आत्म रंजन के लिए
आत्म रंजन
बस यही प्रयास कि लिखती रहूँ मनोरंजन नहीं आत्म रंजन के लिए
Thursday, 23 June 2022
मम्मी - डैडी की इकतीसवी विवाह वर्षगाँठ पर कुछ पंक्तियाँ अर्पित।
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इकतीसवी विवाह वर्षगाँठ के सुअवसर पर मेरे प्यारे से मम्मी-डैडी को अनंत बधाई,शुभकामनाएँ और ढेर सारे प्यार संग कुछ पंक्तियाँ अर्पित हैं 🙏💕 हे...
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Thursday, 9 June 2022
सूरज चाचा को हुआ ज़ुकाम।
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एक दिन सूरज चाचा ने थक कर ली उबासी, वहीं-कहीं पर खेल रहे थे भोले चंदा मामा जी, जो खुला सूर्यमुख गुफा समान, ठंडे-ठंडे मामा बन गए मेहमान, मु...
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Wednesday, 8 June 2022
जल रहा है देश मेरा।
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तप रहा है देश मेरा सूर्य के क्या ताप से? या जल रहा है यह प्रचंड नफ़रतों के आग से? हैं कौन सी ये आँधियाँ? है काम इनका क्या यहाँ? क्या यह प्...
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Sunday, 29 May 2022
दोष न डारो राजा पर
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नाचे-गावे सब नर-नारी, ढोल-मंजीरा बजावे भारी, प्रभु किरपा से घटत-बढ़त सब तब राजा को जनता क्यों देवे गारी? हरि इच्छा होइहे त जनता होई जइहे...
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Tuesday, 10 May 2022
है अब भी कोई वीरवान?
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जब समाज में मूल्यों का पतन हो जता है,मर्यादा के बंधन टूट जाते हैं ,सत्य का सूर्य निस्तेज हो जाता है,चारों ओर अँधेरे का साम्राज्य स्थापित हो...
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Friday, 6 May 2022
लिखना नही छोड़ा है।
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तुमसे ये किसने कहा कि मैंने लिखना छोड़ दिया? प्रयास करने का ढिंढोरा पीट कर प्रयास करना छोड़ दिया! अरे! ये अफ़वाह किसने उड़ाई कि मैंने लिखना छो...
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Wednesday, 4 May 2022
ओ एकलव्य की लेखनी
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अरे ओ एकलव्य की लेखनी अपने दिलोदिमाग को इतना क्यों थकाती हो तुम? क्या समझती हो कि तुम्हारे कहे का कोई असर होगा किसी पर? ये ज़माना तो राजघरान...
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